दुर्गापूजा से पहले नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाएगी सरकार, 100 करोड़ से ज्यादा निवेश करने वालों के पास खुद पहुंचेगी गवर्नमेंट 

स्पष्टता न्यूज

पश्चिम बंगाल में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को कोलकाता के मिलन मेला सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 33 कंपनियों और औद्योगिक संस्थानों को निवेश के लिए जमीन से जुड़े कागजात सौंपे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में निवेश अब दोगुनी रफ्तार से आगे बढ़ेगा और उद्योगों को बिना किसी भय या दबाव के काम करने का अवसर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में अब निवेश का माहौल तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य में तोलाबाजी और सिंडिकेट राज बंद हो चुका है। उद्योगपति बिना किसी डर के अपने कारोबार का विस्तार कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य बिजनेस के क्षेत्र में बंगाल को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी कारोबारी या उद्योगपति को कोई व्यक्ति पार्टी के नाम पर परेशान करता है या निवेश से जुड़ी किसी तरह की दिक्कत पैदा करता है, तो इसकी शिकायत सरकार के टोल फ्री नंबर पर की जा सकती है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद सरकार शिकंजा कसने का काम करेगी।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उद्योग लगाने वाले लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। खास तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाले निवेशकों तक सरकार खुद पहुंचेगी और आवश्यक प्रक्रियाओं में सहयोग करेगी।मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि दुर्गापूजा से पहले पश्चिम बंगाल की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि नई नीति के जरिए निवेशकों के लिए माहौल को और आसान बनाया जाएगा तथा राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने पर जोर रहेगा।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह सप्ताह में दो बार निवेशकों से मुलाकात करेंगे। इसका उद्देश्य निवेश से जुड़ी समस्याओं को सीधे सुनना और उनका समाधान करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग जगत के बीच लगातार संवाद बनाए रखा जाएगा।

जमीन प्राप्त करने वाली कंपनियों के लिए सरकार ने समयसीमा भी तय की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन कंपनियों को निवेश के लिए जमीन दी गई है, उन्हें 31 दिसंबर 2029 तक अपना काम शुरू करना होगा। सरकार का उद्देश्य जमीन आवंटित करने के साथ-साथ उस पर वास्तविक औद्योगिक परियोजनाएं शुरू कराना और रोजगार के अवसर पैदा करना है।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बड़े औद्योगिक समूहों के संभावित निवेश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ सप्ताह में अंबानी समूह की टीम कोलकाता आ सकती है।

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को यह भी बताया कि उद्योगपति नवीन जिंदल उनसे मुलाकात करना चाहते हैं।शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में औद्योगिक और रणनीतिक परियोजनाओं को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में मिसाइल लॉन्चिंग स्टेशन भी बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।कार्यक्रम में जिन कंपनियों और संस्थानों को जमीन से जुड़े कागजात सौंपे गए, उनमें वेब्सोल एनर्जी, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज, विक्रम सोलर, इंडनिक्स टेक्नोलॉजी, यूआईसी उद्योग, एब्डोस ऑयल्स प्राइवेट लिमिटेड, सोवा सोलर, महा फीड्स एग्रो टेक, कैलप्रिन एड्स प्राइवेट लिमिटेड, टेक्नोस्टैनैट एनर्जी, केआर लाइफसाइंस प्राइवेट लिमिटेड, एएससी इंफ्रास्ट्रक्चर, श्री गणेश एंड कंपनी, जीकॉन इलेक्ट्रिक मोटर, एमपीएम प्राइवेट लिमिटेड, ओनामोय हेल्थकेयर, महानदी स्टील, पैराकोट प्रोडक्ट्स, लेमोनटेक एग्रो, सेलाडेल सिनर्जी, ग्रीनफील्ड विनट्रेड, किग क्राफ्ट टेक, कामाक्षी जूट, रॉय अपैरल्स, पोद्दार ग्लोबल, श्रीजी ज्वेल प्राइवेट लिमिटेड, सिनोम इक्विपमेंट्स इंडिया, सर्राफ क्रिएशन और डब्ल्यूबीएसईडीसीएल शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सिर्फ निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि उसके जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि सरकार निवेश से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम के जरिए सरकार ने उद्योग जगत को यह संदेश देने की कोशिश की कि बंगाल में निवेश के लिए प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा और निवेशकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा। अब इन कंपनियों की परियोजनाओं के जमीन पर उतरने और तय समयसीमा के भीतर काम शुरू होने पर नजर रहेगी। सरकार ने इन कंपनियों को काम शुरू करने की डेडलाइन 31 दिसम्बर 2029 मुकर्रर की है।

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